UP TGT और UP PGT के बारे में आपने सुना होगा और यदि आप स्नातक हैं और B.ed. / B.P. ed. किया हुआ है या फिर आप परा स्नातक हैं तो उत्तर प्रदेश में सरकारी अध्यापक बनने का सुनहरा अवसर आपके पास है |

UP TGT ( Trained Graduate Teacher) उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक तथा UP PGT (Post Graduate Teacher), उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज में प्रवक्ता (lecturer) के पद हेतु सामूहिक परीक्षा का आयोजन किया जाता है | उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक के लिए 12913प्रवक्ता पद के लिए 2595 रिक्तियों के लिए 29 अक्टूबर 2020 से UPSESSB ( उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड ) द्वारा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है|  जो अभ्यर्थी इस सेवा के लिए पात्र हैं उनके लिए यह सुनहरा अवसर है|

Note: यह विज्ञापन निरस्त कर दिया गया है | नया विज्ञापन आने पर इस पोस्ट को अपडेट कर दिया जायेगा |

UP TGT परीक्षा के लिए योग्यता (UP TGT Eligibility Criteria):

  • ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक (Graduation in any stream) के बाद B.ed. या अन्य समकक्ष डिग्री ली हो, वे TGT के लिए पात्र होंगे |

UP TGT Age limitation:

  • आयु 1 जुलाई 2020 को 21 वर्ष से कम न हो |

UP TGT Exam Pattern (परीक्षा पैटर्न ):

शिक्षित स्नातक शिक्षक पद पर चयन मात्र लिखित परीक्षा के आधार पर अधिसूचना संख्या 607/15.05.2019-1604(30)-2017 दिनांक 18 फरवरी 2019 द्वारा संशोधित उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड नियमावली 1998 में विहित प्रक्रियानुसार होगा।

TGT लिखित परीक्षा का विवरण:

प्रत्येक विषय के अभ्यर्थियों के लिए अलग अलग परीक्षा का आयोजन किया जाता है| इस परीक्षा में कुल 125 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे| प्रत्येक प्रश्न के 4 विकल्प होते हैं जिनमें से केवल एक ही विकल्प सही होगा तथा अधिकतम अंक 500 होंगे | जिसमें नकारात्मक मूल्यांकन (negative marking) नहीं होता है| इस प्रश्नपत्र के लिए अधिकतम समय 2 घंटा होता है |

नोट: तदर्थ शिक्षकों के लिए यह परीक्षा 465 अंकों की होगी और प्रत्येक प्रश्न के अंक 3.72 होंगे |

Graduation + B .ed.Graduation SubjectCan apply for TGT subject
B. Sc. (Bachelor of Science)MathsMaths
Physics 

Science

 

Chemistry
—–
—–
B.A. ( Bachelor of Arts)HindiHindi
HistorySST ( Social Study)
Geography
Political Science
Economics
———-
Home ScienceHome Science
EnglishEnglish
UrduUrdu
SanskritSanskrit
EducationEducation
DrawingDrawing
B. Sc. ( Agriculture)AgricultureAgriculture
B. Com.CommerceCommerce

Note: उपरोक्त दिए गए विषयों में किसी अभ्यर्थी ने यदि दो विषयों में स्नातक किया है और तो वह उन दोनों विषय में अलग अलग आवेदन कर सकता है |

प्रशिक्षित स्नातक पद हेतु शैक्षिक अर्हतायें

अनिवार्य: कला के अलावा बाकी सभी के लिए बी०एड० या अन्य समकक्ष डिग्री अनिवार्य

हिंदी

  1. बी०ए० हिन्दी एंव संस्कृत के साथ इण्टरमीडिएट अथवा समकक्ष परीक्षा एवं बी०एड० या अन्य समकक्ष डिग्री।

अथवा

  1. बी०ए० हिन्दी एवं संस्कृत विषय के सथ अथवा समकक्ष परीक्षा एवं बी०एड० या अन्य समकक्ष डिग्री।

 

गणित

बी०ए० अथवा बी०एस-सी० गणित –प्रशिक्षित

 

विज्ञान

भौतिक विज्ञान तथा रसायन विज्ञान के साथ बी०एस०-सी० प्रशिक्षण वरीयमान

 

सामाजिक विज्ञान

निम्नलिखित में किन्हीं दो विषयों के साथ बी०ए० प्रशिक्षण सहित-

(1) इतिहास (2) राजनीति शास्त्र

(3) भूगोल (4) अर्थशास्त्र

 

अंग्रेजी

1. बी०ए० (अंग्रेजी साहित्य) सहित प्रशिक्षित

अथवा

2. यू०जी०सी० द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/डिग्री कालेज से त्रिवर्षीय स्नातक कोर्स अंग्रेजी भाषा के साथ- प्रशिक्षित

 

संस्कृत

  1. 1. बी०ए० संस्कृत सहित तथा एल०टी० या बी०टी० या बी० एड० या अन्य समकक्ष शिक्षा अथवा शिक्षण में डिग्री या डिप्लोमा अथवा
  2. 2. वाराणसी संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त शास्त्री या आचार्य की उपाधि के साथ एल०टी० या बी०टी० या अन्य समकक्ष अथवा शिक्षण में डिग्री या डिप्लोमा।

उर्दू

बी०ए० उर्दू विषय से तथा एल०टी० या बी०टी० या बी० एड० या अन्य समकक्ष शिक्षा अथवा शिक्षण में डिग्री या डिप्लोमा।

वाणिज्य

प्रशिक्षित बी० कॉम०

कृषि

बी०एस० सी० (कृषि) प्रशिक्षित

 

गृह विज्ञान

1. गृहविज्ञान या गृह अर्थशास्त्र (होम इकनामिक्स) या घरेलू विज्ञान (डोमेस्टिक साइन्स) या गृह कला होम आर्ट) में प्रशिक्षित स्नातक

अथवा

2. गृहविज्ञान महाविद्यालय, इलाहाबाद का टी०सी०

अथवा

3. लेडी इरविन कालेज, दिल्ली का डिप्लोमा।

कला

1. राजकीय कला और शिल्प विद्यालय, लखनऊ का आर्ट मास्टर्स ट्रेनिंग सर्टीफिकेट (जो पहले ड्राइंग टीचर्स सर्टीफिकेट कहलाता था) अथवा,

2. प्राविधिक कला के साथ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् की इण्टरमीडिएट परीक्षा अथवा,

3. प्राविधिक कला के साथ हाईस्कूल परीक्षा और इनमें से कोई एक योग्यताः-

(क) ड्राइंग अथवा पेंटिग के साथ बी०ए० अथवा

(ख) कला भवन, शान्ति- निकेतन का फाइन आर्ट डिप्लोमा अथवा

(ग) राजकीय ड्राइंग और हैन्डीक्रैफ्ट सेन्टर, इलाहाबाद का सर्टीफिकेट अथवा

(घ) कलकत्ता की फाइनल ड्राइंग टीचर्सशिप परीक्षा अथवा

(ङ) लाहौर के मेयो स्कूल आफ आर्ट्स की टीचर्स सीनियर सर्टीफिकेट परीक्षा अथवा

(च) बम्बई की इण्टरमीडिएट ग्रेड ड्राइंग परीक्षा अथवा

(छ) बम्बई की थर्ड ग्रेड आर्ट्स स्कूल परीक्षा

टिप्पणीः- (1) उपर्युक्त (2) के अन्तर्गत इण्टरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण होना सबके लिए आवश्यक है। परन्तु यदि उसे परीक्षा में प्राविधिक कला लिए जाने का प्रमाण उपलब्ध न हो तो उसके स्थान पर उस स्तर की प्राविधिक कला के ज्ञान का प्रमाण स्वीकार किया जा सकता है।

बालिकाओं की संस्थाओं के अध्यापकों को प्राविधिक कला की योग्यता से छूट दी जायेगी।

(2) उपर्युक्त (3) के अन्तर्गत हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण होना सब के लिए आवश्यक है परन्तु यदि उस परीक्षा में प्राविधिक कला लिए जाने का प्रमाण उपलब्ध न हो तो उसके स्थान पर उस स्तर की प्राविधिक कला के ज्ञान का प्रमाण स्वीकार किया जा सकता है। बालिकाओं की संस्थाओं के अध्यापकों को प्राविधिक कला की योग्यता से छूट दी जायेगी।

नोटः- उपरोक्त अर्हता के साथ सहायक अध्यापक हेतु किसी विषय में स्नातक तथा प्रवक्ता हेतु स्नातकेात्तर उपाधि होना अनिवार्य है।

 

शारीरिक शिक्षा

माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदत्त इण्टरमीडिएट प्रमाण-पत्र अथवा उसके समकक्ष कोई अन्य अर्हता़; एवं राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा प्रदत्त सी०पी०एड० प्रमाण-पत्र अथवा उसके समकक्ष कोई अन्य अर्हता।

 

सिलाई

(क) (1) इण्टरमीडिएट सी०टी० (इण्टरमीडिएट में सिलाई सहित अथवा सी०टी० में सिलाई में विशेष योग्यता)

(ख) हाईस्कूल तथा

  1. प्रेम महाविद्यालय, वृन्दावन से डिप्लोमा

अथवा

  1. आर्य समाज टेलरिंग इन्स्टीट्यूट, आर्य समाज रोड, लखनऊ से डिप्लोमा

अथवा

  1. सरकार से मान्यता प्राप्त किसी भी संस्था से दो वर्ष के पाठ्यक्रम के पश्चात् दिया जाने वाला सिलाई का डिप्लोमा।

टिप्पणीः- (ख) के अन्तर्गत योग्यतायें रखने वाले अध्यापकों को स्थायी नियुक्ति से पूर्व शिक्षा निदेशक द्वारा संचालित अथवा स्वीकृत अध्यापन विज्ञान सम्बन्धी प्रशिक्षण सामान्यतः पूर्ण करना चाहिए। सुपात्रों को इस अध्यापन विज्ञान सम्बन्धी प्रशिक्षण से छूट दी जा सकती है।

 

संगीत गायन एवं संगीत वादन

(क) माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश की हाईस्कूल परीक्षा अथवा समकक्ष

परीक्षा तथा निम्नलिखित में से कोई एक परीक्षा-

  1. 1. भातखंडे संगीत विद्यापीठ, लखनऊ की संगीत विशारद परीक्षा अथवा
  2. 2. प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद की संगीत प्रभाकर परीक्षा अथवा
  3. 3. गंधर्व महाविद्यालय, बम्बई की संगीत विशारद परीक्षा अथवा
  4. 4. माधो संगीत विद्यालय, ग्वालियर की फाइनल परीक्षा(संगीतरत्न) अथवा
  5. 5. शंकर गंधर्व विद्यालय ग्वालियर की फाइनल परीक्षा अथवा
  6. 6. इलाहाबाद विश्वविद्यालय का संगीत का सीनियर डिप्लोमा

अथवा

(ख) प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद का बी०टी० डिप्लोमा

अथवा

(ग) भातखंडे संगीत विद्यापीठ, लखनऊ का एल०टी०एम०डिप्लोमा।

अथवा

(घ) माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश का भारतीय संगीत डिप्लोमा, उपर्युक्त डिप्लोमा सम्पन्न तथा मान्यता प्राप्त संस्थाओं में पहले से पढ़ाने वाले और जून 196० से पूर्व नियुक्त अध्यापक संगीत अध्यापक के पात्र समझे जायेंगे।

नोटः- उपरोक्त अर्हता के साथ सहायक अध्यापक हेतु किसी विषय में स्नातक तथा प्रवक्ता हेतु स्नातकोत्तर उपाधि होना अनिवार्य है।

वरीयमान अधिमानी अर्हता

बी०एड०, एम०एड०, पी०एच०डी० एवं किसी राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिता में राज्य स्तर की टीम के माध्यम से भाग लेने का प्रमाण पत्र

UP PGT परीक्षा के लिए योग्यता:

ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से परास्नातक (Post Graduation) किया है वे PGT के लिए पात्र होंगे |

UP PGT Educational Qualification:

हिंदी (Hindi)

1. हिन्दी में एम0ए0 तथा संस्कृत के साथ बी0ए0 अथवा शास्त्री परीक्षा राजकीय संस्कृत कालेज, वाराणसी अब सम्पूर्णानन्द विश्वविद्यालय, वाराणसी
2. प्रशिक्षण योग्यता वरीयमान (राजाज्ञा संख्या- मा0/4428/15.7.2(13)-76, दिनांक 16 मार्च, 1979 के अनुसार दिनांक 05 अप्रैल, 1975 के पूर्व हाईस्कूल कक्षाओं के अध्यापन हेतु तत्समय प्रचलित विनियमों के अनुसार नियुक्त अध्यापकों के लिये यदि वे निर्धारित अन्य शैक्षिक योग्यतायें रखते हों इण्टरमीडिएट कक्षाओं के हिन्दी प्रवक्ता पद पर प्रोन्नति हेतु संस्कृत विषय से बी0ए0 उत्तीर्ण होना आवश्यक नही होंगा।
3. हिन्दी में एम0ए0 के साथ-साथ संस्कृत विषयों से स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण योग्यताधारी को इण्टरमीडिएट कक्षाओं के प्रवक्ता पद पर सीधे नियुक्ति अथवा प्रवक्ता पद पर प्रोन्नति हेतु बी0ए0 मे संस्कृत विषय की अनिवार्यता से मुक्ति रहेगीं।

गणित (Mathematics)

1. एम0ए0 तथा एम0एस-सी0 गणित – प्रशिक्षण वरीयमान।
अथवा
2. गणित में त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम सहित बी0ए0 (ऑनर्स) अथवा बी0एस0सी0 (ऑनर्स) – प्रशिक्षण वरीयमान

जीव विज्ञान (Biology)

1. वनस्पति विज्ञान अथवा जन्तु विज्ञान मं े एम0एस-सी0
अथवा प्रशिक्षण वरीयमान
2. कृषि विषयक वनस्पति विज्ञान के साथ एम0एस0सी0,बी0एस-सी0 में जन्तु विज्ञान अथवा प्रशिक्षण वरीयमान
3. कृषि विषयक जन्तु विज्ञान के साथ एम0एस-सी0,बी0एस0सी0 में वनस्पति विज्ञान अथवा प्रशिक्षण वरीयमान
4. यू0जी0सी0 द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/डिग्री कालेज से एम0एस0सी0 (लाइफ साइन्स) अथवा प्रशिक्षण वरीयमान
5. किसी विश्वविद्यालय या डिग्री कालेज में शिक्षा विभाग,उ0प्र0 द्वारा आयोजित जीव विज्ञान में स्नात्कोत्तर डिप्लोमा के साथ बी0एस0सी0

भौतिक विज्ञान (Physics)

1. एम0 एस-सी0, (भौतिक विज्ञान) प्रशिक्षण वरीयमान
अथवा
2. किसी विश्वविद्यालय या डिगी्र कालजे में विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित भौतिक विज्ञान में स्नात्कोत्तर डिप्लोमा के साथ बी0एस0सी0

रसायन विज्ञान (Chemistry)

1. रसायन विज्ञान में एम0एस-सी0 प्रशिक्षण वरीयमान
अथवा
2. रसायन विज्ञान में त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के साथ बी0एस-सी0 (आनर्स) प्रशिक्षिण वरीयमान
अथवा
3. यू0जी0सी0 द्वारा मान्यता प्राप्त किसी विश्वविद्यालय/डिग्री कालेज से स्नातकोत्तर (बायोकेमिस्ट्री) प्रशिक्षण वरीयमान
अथवा
4. किसी विश्वविद्यालय या डिग्री कालेज में शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा के साथ बी0एस-सी0

गृहविज्ञान (Home Science)

1. गृह-विज्ञान में एम0एस-सी0 या गृह अर्थशास्त्र (होम इकनामिक्स) या गृह कला (होम आर्ट) में एम0ए0
अथवा
2. गृहविज्ञान या गृह-अर्थशास्त्र (होम इकनामिक्स) या घरेलू विज्ञान (डोमेस्टिक साईन्स) या गृह कला (होम आर्ट) में प्रशिक्षित स्नातक

उर्दू (Urdu)

एम0ए0 (उर्दू), प्रशिक्षण प्रशिक्षतण वरीयमान

अंग्रेजी (English)

नियमानुसार स्थापित उत्तर प्रदेशीय अथवा किसी अन्य मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर उपाधि (पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री)। किसी ट्रेनिंग कालेज से एल0टी0 डिप्लोमा या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एजूकेशन में डिग्री या डिप्लोमा रखने वालों को प्राथमिकता दी जायेगाी।

कला (Arts)

1. इण्टरमीडिएट परीक्षा सहित राजकीय कला और शिल्प विद्यालय, लखनऊ का आर्ट मास्टर्स ट्रेनिंग सर्टीफिकेट (जो पहले ड्राइंग टीचर्स ट्रेनिंग सर्टीफिकेट कहलाता था)
अथवा
2. प्राविधिक कला के साथ इण्टरमीडिएट परीक्षा तथा निम्नलिखित में से कोई एक परीक्षा-
(क) ड्राइंग अथवा पेन्टिग के साथ बी0 ए0
अथवा
(ख) कला भवन, शान्ति निकेतन का फाइन आर्ट डिप्लोमा
अथवा
(ग) कलकत्ता की फाइनल ड्राइंग टीचरशिप परीक्षा
अथवा
(घ) लाहौर के मेयो स्कूल आफ आर्ट्स की टीचर्स सीनियर सर्टीफिकेट परीक्षा।
प्रशिक्षण वरीयमान
टिप्पणीः- उपर्युक्त (2) के अन्तगर्त इण्टरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण होना सब के लिए आवश्यक है, परन्तु यदि उस परीक्षा में प्राविधिक कला लिए जाने का प्रमाण उपलब्ध न हो तो उसके स्थान पर उस स्तर की प्राविधिक कला के ज्ञान का प्रमाण स्वीकार किया जाता है। बालिकाओं की संस्थाओं के अध्यापकों को प्राविधिक कला की योग्यता से छूट दी जायेगी।

संस्कृत (Sanskrit)

संस्कृत में एम0ए0 प्रशिक्षण वरीयमान अथवा राजकीय संस्कृत कालजे , वाराणसी (अब सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी) का सम्पूर्ण आचार्य प्रशिक्षण योग्यता वरीयमान

वाणिज्य (Commerce)

एम० कॉम०

कृषि (Agriculture)

एम० एस० सी० (कृषि)

 

नागरिक शास्त्र (Civics)

1. एम0ए0 (राजनीति) प्रशिक्षण वरीमान
अथवा
2. त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम सहित राजनीति शास्त्र में बी0ए0 (ऑनर्स) प्रशिक्षण

इतिहास (History)

1. इतिहास में एम0ए0 प्रशिक्षण वरीयमान
अथवा
2. प्राचीन भारतीय इतिहास में एम0ए0 प्रशिक्षण वरीयमान
अथवा
3. इतिहास में त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के साथ बी0ए0 (आनर्स) प्रशिक्षण वरीयमान
टिप्पणीः- मध्यकालीन इतिहास और आधुनिक कालीन इतिहास मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त अभ्यर्थी इतिहास प्रवक्ता पद हेतु अर्ह माने जायेगें।

भूगोल (Geography)

1. भूगोल में एम0ए0 अथवा एम0एस0-सी0 प्रशिक्षण वरीयमान
अथवा
2. भूगोल में त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम सहित बी0ए0 (आनर्स) प्रशिक्षण वरीयमान अथवा बी0एस-सी0 (आनर्स)

अर्थशास्त्र ( Economics)

1. एम0ए0 (अर्थशास्त्र) प्रशिक्षण वरीयमान
अथवा
2. एम0काम0 तथा अर्थशास्त्र सहित बी0 काॅम0 प्रशिक्षण वरीयमान
अथवा
3. त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम सहित अर्थशास्त्र में बी0ए0 (आनर्स) प्रशिक्षण वरीयमान

 

तर्कशास्त्र 

दर्शनशास्त्र में एम0ए0 अथवा बी0ए0 (ऑनर्स) त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम दर्शनशास्त्र सहित, साथ में इण्टरमीडिएट अथवा बी0ए0 अथवा एम0ए0 में तर्कशास्त्र एक ऐच्छिक विषय रहा हो। प्रशिक्षित वरीयमान

 

मनोविज्ञान (Psychology)

1. एम0ए0 (मनोविज्ञान) प्रशिक्षण वरीयमान
अथवा
2. एम0एड0

समाजशास्त्र (Sociology)

1. एम0ए0 (समाजशास्त्र) प्रशिक्षण वरीयमान
अथवा
2. समाजशास्त्र में त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के साथ बी0ए0 (ऑनर्स)

सैन्य विज्ञान (Military Science)

1. डिग्री परीक्षा में सैन्य विज्ञान वैकल्पिक विषय के साथ स्नातक जिसने एक वर्ष के लिये कमीशन प्राप्त किया हो ।
अथवा
2. कम से कम 3 वर्ष की सेवा का भारतीय सेना का कमीशन प्राप्त अधिकारी जिसने कम से कम इण्टरमीडिएट अथवा परिषद् से मान्यता प्राप्त उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
अथवा
3. कोई यू0ओ0टी0सी0 अथवा ए0एफ0 (1) अथवा एन0सी0सी0 अधिकारी अथवा
4. हाईस्कूल स्तर तक ज्ञान रखने वाला वायसराय कमीशन
अथवा
5. हाईस्कूल स्तर तक का अंग्रेजी ज्ञान सहित आई0एन0ए0 का अफिसर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट रखने वाला
अथवा
6. सैन्य विज्ञान या प्रतिरक्षा अध्ययन एम0एस-सी या सैन्य शिक्षा में एम0ए0 या एम0एस-सी0
टिप्पणीः- मद 6 के अधीन अर्हता नये व्यक्तियों के लिए अनिवार्य होगी। प्रतिबन्ध यह है कि ऐसे वर्तमान अध्यापक को जो सम्बन्धित विषय में स्नातक हो या किसी अन्य विषय में स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण हो और जिसे कम से कम 5 वर्ष का शिक्षण अनुभव हो, उपर्युक्त मद (6) में दी गयी अर्हता से छूट होगी।

शिक्षा शास्त्र (Pedgogy)

1. शिक्षा शास्त्र विषय में स्नातकोत्तर उपाधि एम0ए0
अथवा
2. एम0एड0 के साथ बी0ए0 अथवा बी0एस0-सी0
अथवा
3. एल0टी0 अथवा बी0टी0 अथवा बी0एड0 के साथ मनोविज्ञान में एम0ए0

शारीरिक शिक्षा (Physical Education)

1. स्नातक तथा
2. राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त व्यायाम शिक्षा में डिप्लोमा अथवा किसी अध्यापक प्रशिक्षण (एल0टी0) महाविद्यालय से व्यायाम शिक्षा में विशेष योग्यता अथवा भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त व्यायाम शिक्षा में उपाधि/डिप्लोमा अथवा उसके समकक्ष कोई अन्य योग्यता।

सिलाई (Stiching)

(क) सिलाई के साथ इण्टरमीडिएट, सी0टी0 सिलाई में विशेष योग्यता वरीयमान
अथवा
(ख) इण्टरमीडिएट तथा
1. प्रेम महाविद्यालय, वृन्दावन से डिप्लोमा,
अथवा
2. आर्य समाज टेलरिंग इन्स्टीट्यूट, लखनऊ से डिप्लोमा तथा हाईस्कूल कक्षाओं में विषय के 3 वर्ष के अध्यापन का अनुभव,
अथवा
3. सरकार से मान्यता प्राप्त किसी भी संस्था से दो वर्ष के पाठ्यक्रम के पश्चात दिया जाने वाला सिलाई का डिप्लोमा।

संगीत गायन एवं वादन (Music)

(क) संगीत में एम0ए0
अथवा
(ख) भातखंडे विद्यापीठ,लखनऊ की निपुण परीक्षा
अथवा
(ग) प्रयाग संगीत समिति,इलाहाबाद की प्रवीण परीक्षा
अथवा
(घ) माध्यमिक शिक्षा परिषद,उत्तर प्रदेश की इण्टरमीडिएट अथवा उसकी समकक्ष परीक्षा तथा निम्नलिखित मे से कोई एक परीक्षा-
1. भातखंडे संगीत विद्यापीठ,लखनऊ की संगीत विशारद परीक्षा।
अथवा
2. प्रयाग संगीत समिति,इलाहाबाद की संगीत प्रभाकर परीक्षा
अथवा
3. गंधर्व महाविद्यालय,बम्बई की संगीत विशारद परीक्षा
अथवा
4. माधो संगीत विद्यालय,ग्वालियर की फाइनल परीक्षा (संगीत रत्न)
अथवा
5. शंकर गंधर्व विद्यालय,ग्वालियर की फाइनल परीक्षा
अथवा
6.इलाहाबाद विश्वविद्यालय का संगीत का सीनियर डिप्लोमा
अथवा
(ड़) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय का संगीत विषय के साथ बी0ए0
अथवा
(च) प्रयाग संगीत समिति,इलाहाबाद का बी0टी0 डिप्लोमा
अथवा
(छ) भातखंडे संगीत विद्यापीठ,लखनऊ का एल0टी0एम0 डिप्लोमा

UP PGT Age limitation:

  • आयु 1 जुलाई 2020 को 21 वर्ष से कम न हो |

UP PGT Exam Pattern (परीक्षा पैटर्न ):

UPPGT की परीक्षा दो चरणों में संपन्न होती है :

  1. लिखित परीक्षा – 85% अंक – 425 अंक
  2. साक्षात्कार – 10 % अंक – 50 अंक

(5% अंक विशेष योग्यताओं के आधार पर) – 25 अंक

UP PGT लिखित परीक्षा का विवरण:

प्रत्येक विषय के अभ्यर्थियों के लिए अलग अलग परीक्षा का आयोजन किया जाता है| इस परीक्षा में कुल 125 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं | प्रत्येक प्रश्न के 4 विकल्प होते हैं  तथा अधिकतम अंक 425 होते हैं | जिसमें नकारात्मक मूल्यांकन (negative marking) नहीं होता है| इस प्रश्नपत्र के लिए अधिकतम समय 2 घंटा होता है |

नोट: तदर्थ शिक्षकों के लिए यह परीक्षा 390 अंकों की होगी और प्रत्येक प्रश्न के अंक 3.12 होंगे |

Note: अभ्यर्थी ने जिस विषय से परा स्नातक (Post Graduation)  किया है वे उसी विषय से PGT हेतु आवेदन कर सकते हैं|

UP TGT / UP PGT Interview (साक्षात्कार):

लिखित परीक्षा में चयन होने के बाद अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड, इलाहाबाद में होता है |

हांलाकि लिखित परीक्षा की अपेक्षा साक्षात्कार के अंक अत्यंत कम होते हैं परन्तु फिर भी अंतिम चयन में साक्षात्कार का महत्वपूर्ण योगदान होता है क्योंकि यदि लिखित परीक्षा में आपके अच्छे अंक ना हों और साक्षात्कार भी अच्छा हो तो आपको अंतिम चयन से बहार निकाला जा सकता है|

UPPCS Pre Mock Test

साक्षत्कार के लिए अभ्यर्थी के पास अपने विषय से सम्बंधित जानकारी के अलावा कुछ व्यवहारिक ज्ञान जिसकी एक अध्यापक से अपेक्षा की जा सकती है, होना आवश्यक है क्योंकि यदि बोर्ड के सदस्य विषय से सम्बन्धित प्रश्न पूछते हैं तब अभ्यर्थी जानकारी होने पर आसानी से जवाब दे सकते हैं, किन्तु यदि व्यवहारिक ज्ञान से प्रश्न पूछा जाता है तो उस प्रश्न के जवाब के कई मोड़ हो सकते हैं | इसलिए अपनी भाषा, अपने आपको पहचानना, अपने सकारात्मक पहलु आदि के बारे में जितना अधिक हो सके जानकारी रखें |

UP PGT Merit ( Final Merit ):

UP PGT में अंतिम चयन लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार के अंकों के योग के आधार पर होता है, अर्थात यदि कोई अभ्यर्थी साक्षात्कार में कम अंक पाता है और उसके लिखित परीक्षा में अन्य अभ्यर्थियों से अच्छे अंक हैं तो उसे इस आधार पर चयन से वंचित नहीं किया जा सकता कि उसके साक्षात्कार में कम अंक हैं | चूँकि अंतिम चयन में लिखित परीक्षा का योगदान साक्षात्कार से कहीं अधिक होता है |

UPTGT Syllabus
 UP PGT Syllabus

How to prepare for UPTGT / UPPGT:

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड द्वारा TGT तथा PGT के लिए आवेदन 29 अक्टूबर 2020 से प्रारंभ हो रहे हैं| तथा इसकी परीक्षा की संभावित बोर्ड द्वारा अभी नहीं बताई गयी है | परन्तु अभ्यर्थियों को ये मान कर चलना चाहिए कि आपके पास तैयारी करने के लिए मात्र 3 से 4 माह का समय है | यह मूल्यवान समय आपके कैरियर में एक नया मोड़ ला सकता है वशर्ते आप इस समय का उपयोग अच्छी तरह से कर पाते हैं |

अधिकतर अभ्यर्थी ऐसे होते हैं जो स्नातक या परा स्नातक की परीक्षाओं में गहन अध्यन नहीं करते हैं वल्कि कुछ प्रकाशन द्वारा जरी किये गए गैस पेपर / डाइजेस्ट / मॉडल पेपर आदि पढ़कर परीक्षा देते हैं और परीक्षा पास भी कर लेते हैं | परन्तु उन्हें उस सम्बन्धित विषय का ज्ञान नहीं हो पता और वह उस विषय की किसी भी प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा में पिछड़ जाते हैं | TGT / PGT एक ऐसी परीक्षा है जिसमें अभ्यर्थी को विषय का गहन अध्यन होना आवश्यक है क्योंकि इस परीक्षा में उसी विषय से सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिसमें अभ्यर्थी ने स्नातक या परा स्नातक किया हुआ है |

अभ्यर्थियों के पास जो 3 से 4 माह का समय है उसमें किसी भी विषय का गहन अध्यन किया जा सकता है तथा परीक्षा को आसानी से उत्तीर्ण किया जा सकता है | लेकिन ऐसे समय में ध्यान देने वाली बातें कुछ ऐसी होती हैं कि इस परीक्षा के लिए क्या पढ़ा जाये और क्या छोड़ा जाये | क्योंकि कोई भी प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा पास करने के लिए hard work नहीं वल्कि smart work की आवश्यकता होती है |

UPTGT / UPPGT Preparation Tips:

  • सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड द्वारा जारी पाठ्यक्रम ( syllabus) को भलीभांति पढ़ें और उसमें दिए गए topics के अनुसार पाठ्य सामग्री आपके पास होनी अनिवार्य है |
  • पाठ्यक्रम ( syllabus) को तीन वर्गों में विभाजित करें |
    1.  वह topic जो आपको भलीभांति आते हैं |
    2.  वह topic जो आपको आते हैं परन्तु उनमें पूर्ण जानकारी नहीं है|
    3.  वह topic जो आपको बिलकुल नहीं आते|
  • कम से कम दो बार सम्पूर्ण पाठ्य सामग्री का अध्यन करें|
  • पिछले वर्ष के प्रश्नपत्र को देखते हुए ये जांचे कि किस topic से कितने / अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं |
  • उपरोक्त बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अपने नोट्स तैयार करें | नोट्स को पूरे syllabus के अनुसार ही तैयार करें और उसे ही बार बार पढ़ें | क्युकि बार बार पढ़ी गयी पढ़ा गया नोट्स ही आपको परीक्षा में सफलता दिलवाएगा |
  • यदि आप अलग अलग प्रकाशन की कई किताबें या अलग अलग कोचिंग के नोट्स पढ़ते हैं तो यह आपके लिए अत्यंत नुकसान देय हो सकते हैं |
    • खासकर मानविकी वर्ग जैसे इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, समाज शास्त्र आदि विषयों को बार बार पढ़कर ही परीक्षा में सफलता हांसिल की जा सकती है |
    • विज्ञान वर्ग के विषय जैसे गणित, भौतिक विज्ञान आदि में अभ्यास के द्वारा ही परीक्षा में सफलता हांसिल की जा सकती है |
    •  वणिज्य वर्ग के विषयों में जैसे बही खाता एवं लेखाशास्त्र में अभ्यास अनिवार्य है, जबकि इसके दूसरे विषयों जैसे व्यापार ( business) आदि में बार बार पढना अधिक आवश्यक है |

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UP TGT / UPPGT परीक्षा के लिए समय प्रबंधन ( Time Management):

अलग अलग प्रकार के अभ्यर्थी जैसे कुछ अपनी पढाई को पूरा समय देते हैं, कुछ कार्यरत होने के कारण कम समय दे पाते हैं, महिला अभ्यर्थी घर के कार्यों में व्यस्त होने के कारण कम समय दे पाती हैं, अपनी दिनचर्या में से खाली समय को निकाल कर नीचे दिए गए तरीकों से पढने में उपयोग करें:

  1. ऐसे अभ्यर्थी जो कार्यरत (working) हैं वे अपने syllabus से डायरी नोट्स तैयार करें और जब भी समय मिले तो उसको इधर उधर की बातों में बर्वाद करने की जगह अपने डायरी नोट्स को पढ़ें |
  2. घर पर यदि 2-3 घंटे भी दे पाते हैं तो पर्याप्त है लेकिन उन 2-3 घंटों का प्रत्येक दिन उपयोग करें|
  3.  महिला अभ्यर्थियों के पास दोपहर और रात्रि काल का समय होता है | उसमें वह अपने नोट्स बनायें और यदि घर के कामों के कारण दिन में एक साथ 2-3 घंटें का समय नहीं दे पाती हैं तो दो कामों के बीच के समय का उपयोग अपने बनाये हुए नोट्स को दोहराने में करें | परीक्षा होने तक खुद को Social networking और Telivision से दूर रखें|
  4. जो अभ्यर्थी पूरा समय इस परीक्षा की तैयारी में दे सकते हैं वे whatsapp, facebook, twitter, hike जैसे social messengers से बचें और अपने समय को पूरा पढाई में दें|

UP TGT / UP PGT Joining / Posting:

Final merit लिस्ट बनने के बाद अभ्यर्थी का अंतिम चयन हो जाता है | यदि वह TGT के लिए चयनित होता है तो उसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहायता प्राप्त (Aided) माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों को सम्बंधित विषय पढ़ाने हेतु अध्यापक के पद पर नियुक्त किया जाता है |

Also Check:

यदि अभ्यर्थी PGT के लिए चयनित होता है तो उसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहायता प्राप्त ( Aided) इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर नियुक्त किया जाता है|

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Official Website: http://www.upsessb.org/

आप इन नंबर पर फ़ोन करके भी TGT/PGT की जानकारी ले सकते हैं – 0532-2466130, 0532-246685. 

 इस पोस्ट में आपके सभी प्रश्नों के उत्तर दिए हुए हैं तो आप Eligibility से जुड़े ऐसे प्रश्न ना पूछें जिनके उत्तर पहले दिए जा चुके हैं | प्रश्न पूछने से पहले एक बार आप सभी कमेंट्स जरुर पढ़ें |

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